रुड़की: गणेशपुर टोल प्लाजा पर प्रस्तावित धरने से पहले किसान नेताओं को हाउस अरेस्ट किए जाने का मामला चर्चा में रहा। हालांकि बाद में पुलिस, प्रशासन और टोल प्रबंधन के साथ हुई वार्ता सफल रही और आंदोलन फिलहाल टाल दिया गया।
भारतीय किसान यूनियन (एकता) और भारतीय किसान यूनियन (टोडा) के नेताओं ने कहा कि वे टोल वसूली के मुद्दे पर लंबे समय से आवाज उठा रहे हैं। उनका आरोप है कि अधूरी सड़क होने के बावजूद लोगों से पूरा शुल्क लिया जा रहा है।
बैठक में किसानों ने स्थानीय निवासियों के लिए टोल छूट, सभी लेनों के संचालन और कर्मचारियों के व्यवहार में सुधार की मांग रखी। किसानों का कहना था कि आम लोगों को अनावश्यक परेशानी झेलनी पड़ रही है।
प्रशासन ने आश्वासन दिया कि मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर समाधान निकाला जाएगा।
किसान संगठनों ने फिलहाल आंदोलन स्थगित कर दिया है, लेकिन चेतावनी दी है कि यदि वादे पूरे नहीं हुए तो वे फिर से बड़ा आंदोलन करेंगे।
