अनुशासनहीनता से पार्टी की छवि प्रभावित होती है, इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा: सूर्यकांत धस्माना

देहरादून: उत्तराखंड कांग्रेस की परिवर्तन संकल्प यात्रा के दौरान पिथौरागढ़ में सामने आए विवाद के बाद पार्टी के भीतर अनुशासन को लेकर बहस तेज हो गई है। खुले मंच से कांग्रेस के एक जिलाध्यक्ष द्वारा अपनी ही पार्टी के विधायक के खिलाफ दिए गए बयान ने राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू कर दिया है। भाजपा ने भी इस घटनाक्रम को कांग्रेस की अंदरूनी कलह करार देते हुए निशाना साधा।

इस पूरे मामले पर उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि किसी भी संगठन में अनुशासन सर्वोपरि होता है। उन्होंने माना कि सार्वजनिक मंचों से इस तरह की बयानबाजी पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाती है और इससे विरोधी दलों को हमला बोलने का अवसर मिलता है।

धस्माना ने भाजपा के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि अनुशासनहीनता केवल कांग्रेस तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा में भी कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जब नेताओं के सार्वजनिक बयानों से पार्टी असहज हुई है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, विधायक अरविंद पांडे और पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के परिवार से जुड़े मामलों का भी उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा राजनीतिक मुद्दों को जनता के सामने मजबूती से रखा है और भाजपा के भीतर के विवादों को भी उठाया है। ऐसे में भाजपा का कांग्रेस पर सवाल उठाना उचित नहीं है।

धस्माना ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए कहा कि यदि किसी को संगठन से संबंधित कोई शिकायत या सुझाव देना है तो उसे पार्टी के निर्धारित मंच पर रखा जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में सार्वजनिक मंचों पर अनुशासनहीनता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी।

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