मसूरी, उत्तराखंड: मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने मासोनिक लॉज बस स्टैंड परिसर में स्थित करीब 80 आवासों पर सीलिंग की कार्रवाई की। भारी पुलिस बल और नगर पालिका परिषद मसूरी के अधिकारियों की मौजूदगी में यह अभियान चलाया गया। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में की गई है।
कार्रवाई के दौरान कई परिवारों ने अपने घर पहले ही खाली कर दिए थे, जबकि कुछ लोग अब भी आवासों में रह रहे थे। प्रभावित परिवारों का कहना है कि उनके पास नगर पालिका की वैध रसीदें हैं और उन्हें बिना पर्याप्त नोटिस मकान खाली करने के लिए कहा गया। कुछ लोगों ने मौके पर विरोध भी दर्ज कराया।
स्थानीय निवासी प्रियंका पवार ने बताया कि उनके पास वर्ष 2026 तक की नगर पालिका रसीदें हैं, लेकिन अधिकारियों ने उन्हें मानने से इनकार कर दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि आवास अवैध थे तो वर्षों तक लोगों को यहां रहने क्यों दिया गया। बरसात के मौसम में परिवार के साथ बेघर होने की चिंता भी उन्होंने जताई।
पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अनुज गुप्ता ने कार्रवाई को अनुचित बताते हुए कहा कि उच्च न्यायालय ने केवल नए आवंटन पर रोक लगाई थी। उनके अनुसार मौजूदा निवासियों को बिना उचित नोटिस हटाना न्यायसंगत नहीं है और प्रशासन को पहले वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए थी।
उप जिलाधिकारी राहुल आनंद ने बताया कि परिसर में लगभग 70 से 80 कमरों पर अनधिकृत कब्जा था। फिलहाल तीन कमरों में रह रहे परिवारों को दो दिन की मोहलत दी गई है, जिसके बाद उन पर भी सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी। वहीं नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन ने कहा कि यह पूरी कार्रवाई न्यायालय के निर्देशों और सरकारी भूमि से अवैध कब्जा हटाने की प्रक्रिया का हिस्सा है।
