चमोली: देहरादून स्थित निशा नर्सिंग होम में कथित चिकित्सा लापरवाही के चलते निलाड़ी गांव निवासी सत्येंद्र बिष्ट (सोनू बिष्ट) की पत्नी निकिता की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। बुधवार को प्रधान संघ अध्यक्ष नारायणबगड़ योगेन्द्र सिंह खत्री और क्षेत्र पंचायत सदस्य नीरज नेगी ने उपजिलाधिकारी थराली के माध्यम से मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक को ज्ञापन भेजकर मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की।
ज्ञापन में कहा गया है कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी देहरादून द्वारा 3 जुलाई 2026 को प्रस्तुत जांच रिपोर्ट कई अहम तथ्यों को नजरअंदाज करती है। जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि रिपोर्ट अस्पताल प्रबंधन को राहत देने के उद्देश्य से तैयार की गई प्रतीत होती है, जिससे पीड़ित परिवार को न्याय मिलने में बाधा उत्पन्न हो रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि जिस अस्पताल में ऑपरेशन किया गया, वहां आवश्यक संसाधनों का अभाव था। जांच समिति ने भी इस बात को स्वीकार किया है कि ऐसी परिस्थितियों में ऑपरेशन नहीं किया जाना चाहिए था। इसके बावजूद मरीज का ऑपरेशन किया गया, जिसे गंभीर चिकित्सीय लापरवाही बताया गया है।
ज्ञापन में अस्पताल के पंजीकरण, सर्जरी करने वाले चिकित्सक, मेडिकल रिकॉर्ड में कथित हेरफेर और समय पर रेफर न किए जाने जैसे कई बिंदुओं पर सवाल उठाए गए हैं। साथ ही मरीज के कम हीमोग्लोबिन के बावजूद पर्याप्त चिकित्सा व्यवस्था न होने का भी आरोप लगाया गया है।
जनप्रतिनिधियों ने मांग की है कि मामले की स्वतंत्र जांच कराई जाए, अस्पताल के दस्तावेजों का फॉरेंसिक ऑडिट कराया जाए और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो जनआंदोलन किया जाएगा।
