रामनगर स्थित कॉर्बेट लैंडस्केप में घायल घूम रहे प्रसिद्ध नर बाघ ‘भोला’ को वन विभाग ने सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर सुरक्षित ढेला रेस्क्यू सेंटर पहुंचा दिया है। कई दिनों से घायल होने के बावजूद जंगल में भटक रहे इस बाघ की स्थिति लगातार बिगड़ रही थी, जिसके बाद वन विभाग ने विशेष अभियान चलाया।
वन विभाग की टीम पिछले कई दिनों से भोला की गतिविधियों पर नजर रख रही थी। बाघ लगातार अपना इलाका बदल रहा था, जिससे उसे ट्रैक करना आसान नहीं था। इसके बावजूद वनकर्मियों और विशेषज्ञों ने धैर्य के साथ उसकी लोकेशन पर नजर बनाए रखी।
डीएफओ पी.सी. आर्या ने बताया कि गुरुवार रात जैसे ही भोला फाटो जोन में नजर आया, विशेषज्ञ टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे सुरक्षित तरीके से ट्रेंकुलाइज किया। इसके बाद उसे बिना किसी अतिरिक्त जोखिम के ढेला रेस्क्यू सेंटर ले जाया गया।
प्रारंभिक मेडिकल जांच में उसके पैर में गहरा घाव मिला है। डॉक्टरों का मानना है कि यह चोट दूसरे नर बाघ के साथ संघर्ष के दौरान लगी होगी। लंबे समय तक घायल रहने के कारण उसकी शारीरिक क्षमता भी काफी प्रभावित हुई है।
वन्यजीव चिकित्सकों की टीम फिलहाल उसके इलाज में जुटी है। वन विभाग का कहना है कि पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद भोला को उसके प्राकृतिक आवास में वापस छोड़ दिया जाएगा ताकि वह सामान्य जीवन जी सके।
