मसूरी के प्रसिद्ध मॉल रोड स्थित लवली ऑमलेट सेंटर के पास हुई मारपीट की घटना एक बार फिर सुर्खियों में है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ गई है। लोगों का आरोप है कि मामले में पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई घटना की गंभीरता के अनुरूप नहीं है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पर्यटकों और स्थानीय लोगों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई, जो कुछ ही देर में हिंसक झड़प में बदल गई। वायरल वीडियो में कुछ लोग स्थानीय दंपति और उनके साथ मौजूद अन्य लोगों के साथ मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। आरोप है कि हमले के दौरान एक भारी प्लास्टिक ट्रे का इस्तेमाल किया गया, जिससे एक महिला बेहोश हो गई और अन्य लोगों को भी चोटें आईं।
बताया जा रहा है कि मारपीट में शामिल पर्यटक हरियाणा से मसूरी घूमने आए थे, जबकि दूसरा पक्ष स्थानीय निवासी है। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि आरोपियों पर केवल हल्की धाराएं लगाकर उन्हें छोड़ दिया गया। इसी को लेकर लोगों में असंतोष लगातार बढ़ रहा है।
इस मामले में अधिवक्ता आर्यन देव उनियाल, व्यापार मंडल के महामंत्री, पूर्व मंडल अध्यक्ष राकेश रावत और व्यापारी पियूष गोयल सहित कई लोगों ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि ऐसी घटनाओं में सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं होगी तो भविष्य में कानून व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और आरोपियों के खिलाफ उचित कानूनी धाराओं में कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि पर्यटन नगरी मसूरी की छवि बनाए रखने के लिए कानून का समान रूप से पालन होना बेहद जरूरी है।
