उत्तराखंड में हर वर्ष मानसून के दौरान भूस्खलन, बादल फटना और सड़क अवरुद्ध होने जैसी घटनाएं बड़ी चुनौती बनती हैं। इन्हीं परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए राज्य सरकार ने बुधवार को प्रदेशभर में व्यापक आपदा प्रबंधन मॉक ड्रिल आयोजित की।
प्रदेश के 13 जिलों के 66 संवेदनशील स्थानों पर एक साथ हुए इस अभ्यास में राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों का परीक्षण किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने USDMA मुख्यालय से पूरी प्रक्रिया की निगरानी की और सभी जिलाधिकारियों से सीधे संवाद कर तैयारियों की जानकारी ली।
मॉक ड्रिल में NDRF, ITBP, सेना, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन सहित कई एजेंसियों ने संयुक्त रूप से भाग लिया। इस दौरान रिस्पॉन्स टाइम, राहत कार्यों की गति और विभागीय समन्वय को परखा गया ताकि वास्तविक आपदा के समय किसी प्रकार की परेशानी न आए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून के दौरान सभी संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार नजर रखी जाए और किसी भी आपात स्थिति में बिना देरी के राहत कार्य शुरू किए जाएं। वहीं, आपदा प्रबंधन विभाग ने कहा कि अभ्यास के आधार पर भविष्य की रणनीति को और मजबूत बनाया जाएगा।
