मानसून के दौरान संभावित प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के उद्देश्य से नैनीताल जिले में गुरुवार को व्यापक स्तर पर मेगा मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस दौरान जिले के पांच अलग-अलग स्थानों पर भूस्खलन, बाढ़, सड़क बंद होने और पुल क्षतिग्रस्त होने जैसी काल्पनिक घटनाएं बनाकर विभिन्न विभागों की तत्परता को परखा गया। पूरी कार्रवाई पर जिला प्रशासन की लगातार नजर बनी रही।
मल्लीताल के आलमा कॉटेज क्षेत्र में भूस्खलन की सूचना मिलते ही जिला आपदा परिचालन केंद्र ने तत्काल इंसिडेंट रिस्पांस सिस्टम (IRS) सक्रिय कर दिया। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ, पुलिस, फायर सर्विस, स्वास्थ्य विभाग, जल संस्थान और अन्य एजेंसियां मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया।
रेस्क्यू टीमों ने आधुनिक उपकरणों की सहायता से घायलों को सुरक्षित बाहर निकालकर स्टेजिंग एरिया पहुंचाया। यहां प्राथमिक उपचार, भोजन, राहत सामग्री और सहायता केंद्र पहले से तैयार रखे गए थे। गंभीर रूप से घायल लोगों को बी.डी. पांडे अस्पताल और आवश्यकता अनुसार हायर सेंटर भेजने की प्रक्रिया का भी अभ्यास किया गया।
इसी दौरान बेतालघाट, कालाढूंगी, हल्द्वानी और लालकुआं में भी अलग-अलग आपदा परिदृश्य तैयार किए गए। प्रशासन ने बताया कि इस तरह की मॉक ड्रिल का उद्देश्य मानसून के दौरान किसी भी आपदा की स्थिति में सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना है।
