रुड़की: झबरेड़ा में आयोजित होने वाला रोजगार मेला अंतिम समय में रद्द होने के बाद युवाओं ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। रोजगार की तलाश में पहुंचे हजारों युवाओं ने प्रदर्शन करते हुए सरकार का पुतला फूंककर अपना विरोध जताया।
जानकारी के अनुसार, रोजगार मेले में लगभग 40 निजी कंपनियों के शामिल होने की संभावना थी। इससे बड़ी संख्या में बेरोजगार युवाओं को नौकरी मिलने की उम्मीद थी, लेकिन कार्यक्रम रद्द होने से सभी उम्मीदें टूट गईं।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार ने बारिश को कारण बताते हुए रोजगार मेला रद्द कर दिया, जबकि मौसम का हवाला केवल बहाना है। उनका कहना है कि सरकार युवाओं को रोजगार देने की बजाय उनकी उम्मीदों को खत्म कर रही है।
युवाओं ने कहा कि रोजगार मेला केवल एक आयोजन नहीं था, बल्कि हजारों परिवारों के लिए नई शुरुआत का अवसर था। इसके अचानक रद्द होने से बेरोजगार युवाओं में भारी निराशा फैल गई है।
प्रदर्शन के दौरान युवाओं ने सरकार से रोजगार मेला दोबारा आयोजित करने की मांग की और चेतावनी दी कि युवाओं की अनदेखी भविष्य में राजनीतिक नुकसान का कारण बन सकती है।
