मां पूरे परिवार की सेहत का ध्यान रखती हैं, लेकिन अक्सर अपनी सेहत को नजरअंदाज कर देती हैं। बढ़ती उम्र के साथ महिलाओं में कई गंभीर बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ जाता है। ऐसे में इस मदर्स डे पर मां को सिर्फ उपहार ही नहीं, बल्कि बेहतर स्वास्थ्य का भरोसा देना भी जरूरी है।
विशेषज्ञों के अनुसार 50 वर्ष की उम्र के बाद महिलाओं में हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, हृदय रोग, ऑस्टियोपोरोसिस और कैंसर जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। नियमित हेल्थ चेकअप के जरिए इन बीमारियों का शुरुआती स्टेज में पता लगाया जा सकता है, जिससे इलाज आसान और प्रभावी हो जाता है।
1. ब्लड प्रेशर और शुगर टेस्ट
उम्र बढ़ने के साथ महिलाओं में हाई बीपी और ब्लड शुगर की समस्या आम हो जाती है। मेनोपॉज के बाद शरीर में हार्मोनल बदलाव के कारण हृदय रोगों का खतरा भी बढ़ता है।
- नियमित बीपी और शुगर टेस्ट बेहद जरूरी हैं।
- हर 3-4 महीने में HbA1c टेस्ट कराने से पिछले कुछ महीनों का औसत शुगर लेवल पता चलता है।
- 40 की उम्र के बाद साल में कम से कम एक बार लिपिड प्रोफाइल टेस्ट जरूर कराना चाहिए।
2. बोन डेंसिटी टेस्ट
महिलाओं में बढ़ती उम्र के साथ हड्डियां कमजोर होने लगती हैं। कैल्शियम की कमी और हार्मोनल बदलाव के कारण ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ जाता है।
- बोन मिनरल डेंसिटी टेस्ट से हड्डियों की मजबूती की जांच होती है।
- बार-बार कमर दर्द, झुककर चलना और फ्रैक्चर होना कमजोर हड्डियों के संकेत हो सकते हैं।
- समय पर जांच और इलाज से हड्डियों को मजबूत बनाए रखने में मदद मिलती है।
3. ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग
ब्रेस्ट कैंसर महिलाओं में सबसे आम कैंसर में से एक है। वहीं सर्वाइकल कैंसर का खतरा भी महिलाओं में तेजी से बढ़ रहा है।
- नियमित मैमोग्राफी और ब्रेस्ट स्क्रीनिंग से शुरुआती स्टेज में कैंसर का पता लगाया जा सकता है।
- पैप स्मीयर टेस्ट सर्वाइकल कैंसर की पहचान में मदद करता है।
- 30 वर्ष की उम्र के बाद महिलाओं को नियमित स्क्रीनिंग कराते रहना चाहिए।
4. आंखों की जांच
बढ़ती उम्र के साथ आंखों की रोशनी कमजोर होने लगती है। समय पर जांच से मोतियाबिंद, ग्लूकोमा और रेटिनोपैथी जैसी समस्याओं का पता लगाया जा सकता है।
- डायबिटीज और हाई बीपी के मरीजों को नियमित आंखों की जांच करानी चाहिए।
- समय रहते इलाज मिलने पर आंखों की रोशनी बचाई जा सकती है।
5. हार्ट हेल्थ और कोलेस्ट्रॉल टेस्ट
हृदय रोग महिलाओं में मौत के प्रमुख कारणों में शामिल हैं। इसलिए हार्ट हेल्थ की नियमित जांच बेहद जरूरी है।
- ईसीजी, लिपिड प्रोफाइल और ब्लड टेस्ट दिल की स्थिति के बारे में जानकारी देते हैं।
- स्वस्थ खानपान और नियमित व्यायाम के साथ समय-समय पर जांच कराना जरूरी है।
मां की सेहत सबसे बड़ा उपहार
डॉक्टरों का कहना है कि नियमित हेल्थ स्क्रीनिंग से कई गंभीर बीमारियों का समय रहते पता लगाया जा सकता है। इस मदर्स डे पर मां को ऐसा उपहार दें जो उनकी लंबी और स्वस्थ जिंदगी सुनिश्चित करने में मदद करे।
