उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत मतदाता सूची को अद्यतन करने का कार्य तेजी से चल रहा है। इस प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों के बीच उत्तराखंड ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के उपाध्यक्ष जोत सिंह बिष्ट ने अभियान की आवश्यकता और उद्देश्य को विस्तार से समझाया।
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग का स्पष्ट नियम है कि किसी भी व्यक्ति का नाम केवल एक ही निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में दर्ज होना चाहिए। यदि किसी व्यक्ति का नाम दो अलग-अलग स्थानों पर पाया जाता है तो नियमों के अनुसार एक स्थान से उसका नाम हटाया जाता है।
बिष्ट ने बताया कि सत्यापन के दौरान ऐसे मामलों की पहचान की जा रही है जहां लोग लंबे समय से दूसरे शहरों या राज्यों में रह रहे हैं और वहां मतदाता बन चुके हैं। इसके अलावा मृतक और स्थायी रूप से स्थानांतरित हो चुके लोगों के नाम भी सूची से हटाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि बीएलओ पूरी जिम्मेदारी के साथ घर-घर जाकर जानकारी एकत्र कर रहे हैं। प्रत्येक निर्णय सत्यापन और दस्तावेजी प्रक्रिया के आधार पर लिया जा रहा है ताकि किसी पात्र मतदाता के अधिकार प्रभावित न हों।
उन्होंने विश्वास जताया कि इस अभियान के पूरा होने के बाद मतदाता सूची अधिक विश्वसनीय बनेगी और भविष्य के चुनावों में पारदर्शिता तथा मतदान प्रतिशत दोनों में सकारात्मक सुधार देखने को मिलेगा।
