चारधाम यात्रा के दौरान घोड़े-खच्चरों की सुरक्षा और बेहतर देखभाल सुनिश्चित करने के लिए उत्तराखंड सरकार ने इस बार कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यात्रा में शामिल पशुओं के स्वास्थ्य को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी।
मुख्यमंत्री के अनुसार, यात्रा शुरू होने से पहले उन गांवों में विशेष स्वास्थ्य और पंजीकरण शिविर आयोजित किए गए जहां से घोड़े और खच्चर यात्रा मार्गों पर सेवा देने के लिए लाए जाते हैं। जांच के दौरान बीमार, कमजोर और घायल पशुओं को यात्रा में शामिल होने की अनुमति नहीं दी गई।
सीएम धामी ने बताया कि हर पशु के लिए फिटनेस सर्टिफिकेट अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा यात्रा मार्गों पर पशुओं को समय-समय पर आराम और पानी उपलब्ध कराने के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।
सरकार ने केदारनाथ और यमुनोत्री धाम में म्यूल टास्क फोर्स की तैनाती भी की है, जो लगातार पशुओं की स्थिति पर नजर रख रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन व्यवस्थाओं के चलते पिछले कुछ वर्षों की तुलना में पशु मृत्यु दर में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है।
पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा ने भी संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि यात्रा के दौरान पशु कल्याण से जुड़े सभी नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।
