चारधाम यात्रा में बढ़ती मौतें चिंता का विषय, 29 दिनों में 55 श्रद्धालुओं की जान गई…

देहरादून। उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा इस समय पूरे जोर-शोर से चल रही है। लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं, लेकिन इसी के साथ यात्रियों की मौतों का आंकड़ा भी तेजी से बढ़ता जा रहा है, जो प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के लिए बड़ी चिंता बन गया है।


29 दिनों में 55 श्रद्धालुओं की मौत

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, 17 मई तक यानी महज 29 दिनों में 55 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है।

इन मौतों के पीछे मुख्य कारण:

  • हृदय गति रुकना (हार्ट अटैक)
  • स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं
    बताए जा रहे हैं।

सबसे ज्यादा मौतें केदारनाथ यात्रा मार्ग पर

चारधाम यात्रा मार्गों पर मौतों का आंकड़ा इस प्रकार है:

  • केदारनाथ धाम – 30 मौतें
  • बदरीनाथ धाम – 10 मौतें
  • यमुनोत्री धाम – 8 मौतें
  • गंगोत्री धाम – 7 मौतें

हाल ही में 17 मई को भी केदारनाथ यात्रा मार्ग पर दो श्रद्धालुओं की मौत हुई है।


15 लाख से अधिक श्रद्धालु कर चुके दर्शन

चारधाम यात्रा के शुरू होने के बाद से अब तक 15,63,672 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं।

यात्रा की शुरुआत:

  • 19 अप्रैल: गंगोत्री और यमुनोत्री धाम
  • 22 अप्रैल: केदारनाथ धाम
  • 23 अप्रैल: बदरीनाथ धाम

अनुमान है कि मानसून से पहले यह आंकड़ा 25 लाख तक पहुंच सकता है।


खराब मौसम के बावजूद जारी भीड़

बारिश, बर्फबारी और खराब मौसम के बावजूद श्रद्धालुओं की संख्या में कोई कमी नहीं आई है। खासकर केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में भारी भीड़ देखने को मिल रही है।


सरकार और स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

इस बढ़ती स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है।

उन्होंने बताया कि:

  • यात्रा से पहले हेल्थ एडवाइजरी जारी की गई है
  • विभिन्न भाषाओं में जागरूकता अभियान चलाया गया है

किन श्रद्धालुओं को रखना होगा खास ध्यान

स्वास्थ्य विभाग ने खास तौर पर इन लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है:

  • हार्ट के मरीज
  • हाई ब्लड प्रेशर (हाइपरटेंशन) के मरीज
  • डायबिटीज से पीड़ित लोग

ऐसे श्रद्धालुओं को यात्रा से पहले स्वास्थ्य जांच करवाना जरूरी बताया गया है।


आगे और बढ़ सकती है चुनौती

चारधाम यात्रा अभी शुरुआती चरण में है और अभी लगभग 5 महीने का समय बाकी है।

मानसून के दौरान:

  • रास्ते कठिन हो जाते हैं
  • स्वास्थ्य जोखिम बढ़ जाते हैं

पिछले वर्षों में भी इस दौरान मौतों के मामले सामने आते रहे हैं।


चारधाम यात्रा में बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या के साथ मौतों का बढ़ता आंकड़ा सरकार के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। ऐसे में प्रशासन के साथ-साथ श्रद्धालुओं को भी अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखना बेहद जरूरी है।


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