Chopta और Chandrashila Trek इन दिनों एडवेंचर पसंद लोगों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। अगर आप भी शहर की भागदौड़ और शोर-शराबे से दूर प्रकृति की गोद में कुछ खास पल बिताना चाहते हैं, तो चोपता-चंद्रशिला ट्रेक आपके लिए शानदार विकल्प साबित हो सकता है।
यह ट्रेक सिर्फ रोमांच ही नहीं, बल्कि हिमालय की अद्भुत खूबसूरती को बेहद करीब से महसूस करने का मौका भी देता है। खास बात यह है कि इस ट्रेक को महज 1 से 2 दिनों में पूरा किया जा सकता है, इसलिए कम छुट्टियों में भी लोग यहां का प्लान आसानी से बना लेते हैं।
क्यों खास है चंद्रशिला ट्रेक?
चंद्रशिला का अर्थ होता है “चांद की चोटी”। यह ट्रेक Tungnath Temple के ऊपर स्थित है और इसकी ऊंचाई करीब 13 हजार फीट से अधिक मानी जाती है। यहां पहुंचकर ऐसा महसूस होता है मानो आप बादलों के ऊपर खड़े हों।
ट्रेक की शुरुआत चोपता से होती है, जिसे “मिनी स्विट्जरलैंड” के नाम से भी जाना जाता है। रास्ते में घने जंगल, हरी-भरी घाटियां और घुमावदार सड़कें सफर को बेहद यादगार बना देती हैं।
तुंगनाथ तक का सफर आसान, लेकिन रोमांच से भरपूर
चोपता से तुंगनाथ मंदिर तक करीब 3.5 से 4 किलोमीटर की चढ़ाई करनी पड़ती है। यह ट्रेक शुरुआती ट्रैकर्स के लिए भी उपयुक्त माना जाता है। रास्ते में छोटे ढाबे, लकड़ी के घर और पहाड़ों के खूबसूरत नजारे यात्रियों का ध्यान अपनी ओर खींचते रहते हैं।
तुंगनाथ मंदिर दुनिया के सबसे ऊंचे शिव मंदिरों में शामिल है। यहां पहुंचने के बाद यात्रियों को आध्यात्मिक शांति और प्रकृति का अद्भुत संगम देखने को मिलता है।
तुंगनाथ के बाद शुरू होता है असली एडवेंचर
तुंगनाथ से चंद्रशिला की दूरी करीब 1.5 किलोमीटर है, लेकिन यही हिस्सा सबसे चुनौतीपूर्ण माना जाता है। खड़ी चढ़ाई, पत्थरीले रास्ते और कई बार बर्फ से ढके ट्रैक रोमांच को और बढ़ा देते हैं।
हालांकि, जैसे ही ट्रैकर्स चोटी पर पहुंचते हैं, वहां का दृश्य सारी थकान भुला देता है। यहां से Nanda Devi, Chaukhamba, Kedarnath Peak और Trishul जैसी हिमालय की प्रसिद्ध चोटियां साफ दिखाई देती हैं।
सूर्योदय का नजारा बना देता है सफर यादगार
चंद्रशिला ट्रेक का सबसे खास आकर्षण यहां का सूर्योदय माना जाता है। सुबह की पहली किरण जब बर्फ से ढकी चोटियों पर पड़ती है, तो पूरा आसमान सुनहरे और गुलाबी रंगों से भर जाता है। यही नजारा इस ट्रेक को जिंदगीभर याद रखने लायक बना देता है।
कैसे पहुंचें चंद्रशिला?
अगर आप इस ट्रेक पर जाने की योजना बना रहे हैं, तो सबसे पहले Rishikesh पहुंचना होगा। वहां से Ukhimath होते हुए सड़क मार्ग से चोपता पहुंचा जा सकता है। दिल्ली से चोपता तक का सफर लगभग 10 से 11 घंटे का माना जाता है।
यात्रा के लिए अप्रैल से जून और सितंबर से नवंबर का समय सबसे बेहतर माना जाता है। इस दौरान मौसम सुहावना रहता है और ट्रेकिंग का अनुभव भी शानदार बन जाता है।
