उधम सिंह नगर: सितारगंज के नया गांव में दूषित पेयजल को लेकर बड़ा स्वास्थ्य संकट सामने आया है। गांव में सप्लाई होने वाले पानी को लेकर लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं, लेकिन अब स्थिति तब गंभीर हो गई जब करीब 50 बच्चे बीमार पड़ गए और एक 14 वर्षीय किशोर अल्तमश की इलाज के दौरान मौत हो गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गांव की पानी की टंकी से दूषित पानी की आपूर्ति हो रही थी, जिसके कारण बच्चों में पीलिया और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं तेजी से फैलने लगीं। बीमार बच्चों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है।
मामले की जानकारी मिलने पर पूर्व विधायक नारायण पाल प्रभावित गांव पहुंचे और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से बात कर तत्काल स्वास्थ्य शिविर लगाने और पीड़ितों को हरसंभव सहायता देने की मांग की। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची और जांच अभियान शुरू किया गया।
पूर्व विधायक ने क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि इतनी बड़ी घटना के बावजूद जिम्मेदार लोग गांव नहीं पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।
फिलहाल प्रशासन ने पानी की टंकी की सफाई, मरम्मत और जल गुणवत्ता की जांच शुरू कर दी है। वहीं ग्रामीण दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं।
