उत्तराखंड में मानसून से पहले राज्य सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मानसून शुरू होने से पहले सभी जरूरी तैयारियां समय पर पूरी कर ली जाएं। सीएम धामी ने कहा कि 15 नवंबर तक प्रदेश की सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त किया जाएगा। इसके साथ ही आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाएं और बुनियादी ढांचे को लेकर विशेष फोकस रखा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि भूस्खलन और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का पहले से मैप तैयार किया जाए, ताकि आपदा की स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किए जा सकें। संवेदनशील इलाकों में JCB, क्रेन और हेली एंबुलेंस को स्टैंडबाय पर रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग को डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों की रोकथाम के लिए अलर्ट रहने को कहा गया है। साथ ही गर्भवती महिलाओं की विशेष निगरानी की जाएगी और जरूरत पड़ने पर हेली सेवा का उपयोग भी किया जाएगा।
वहीं, कैंचीधाम में लगने वाले जाम से राहत देने के लिए बड़ा फैसला लिया गया है। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद कैंचीधाम बाईपास को आज से आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा, जिससे यातायात सुगम होने की उम्मीद है। सरकार का उद्देश्य मानसून के दौरान किसी भी प्रकार की आपदा से प्रभावी ढंग से निपटना और आम जनता को सुरक्षित रखना है।
