चमोली: हरिनगर लेटाल गांव की गर्भवती महिला सरिता देवी की सीएचसी थराली से रेफर किए जाने के दौरान 108 एंबुलेंस में हुई मौत के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। इस घटना को लेकर प्रधान संगठन थराली ने ग्रामीणों के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के बाहर धरना-प्रदर्शन किया और सरकार से स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार की मांग उठाई।
प्रदर्शन के बाद संगठन ने उपजिलाधिकारी थराली के माध्यम से मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य निदेशक को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में सरिता देवी की मौत की निष्पक्ष जांच, दोषियों की जवाबदेही तय करने और पीड़ित परिवार को उचित आर्थिक सहायता देने की मांग की गई।
प्रधान संगठन का कहना है कि सीएचसी थराली तीन विकासखंडों और तीन तहसीलों की स्वास्थ्य जरूरतों का मुख्य केंद्र है, लेकिन यहां विशेषज्ञ डॉक्टरों और आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं का लंबे समय से अभाव बना हुआ है। इससे मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता और गंभीर मरीजों को रेफर करना पड़ता है।
संगठन ने अस्पताल में स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ, आधुनिक अल्ट्रासाउंड मशीन, 24 घंटे प्रसव सुविधा और रिक्त पदों पर तत्काल नियुक्तियां करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी कि यदि 45 दिनों के भीतर मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
