देहरादून के सीमाद्वार क्षेत्र में जलभराव की पुरानी समस्या को समाप्त करने के लिए प्रस्तावित नाला पुनर्निर्माण परियोजना पर प्रशासन ने तेजी से काम शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री की घोषणा के तहत चल रही इस योजना का जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने स्थलीय निरीक्षण कर अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा की।
करीब 14.25 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले आरसीसी बैरल नाले का उद्देश्य क्षेत्र की जल निकासी व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है। प्रशासन का कहना है कि परियोजना पूरी होने के बाद मानसून के दौरान होने वाली जलभराव की समस्या में उल्लेखनीय कमी आएगी।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना की डीपीआर तैयार करते समय स्थानीय लोगों के सुझावों और क्षेत्रीय आवश्यकताओं का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में पारदर्शिता और जनसहभागिता दोनों जरूरी हैं।
इस दौरान बिना अनुमति सड़क कटिंग का मामला सामने आने पर जिलाधिकारी ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित मशीन को सीज करने, अवैध कार्य बंद कराने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने दो टूक कहा कि नियमों के विपरीत किसी भी कार्य को अनुमति नहीं दी जाएगी।
