श्री केदारनाथ धाम यात्रा के दौरान मंगलवार रात हुई तेज बारिश के चलते सोनप्रयाग–गौरीकुंड मार्ग पर तीन स्थानों पर भूस्खलन हो गया, जिससे यात्रा मार्ग बाधित हो गया। घटना के तुरंत बाद जिला प्रशासन, NDRF, SDRF, पुलिस और राहत टीमों ने मौके पर पहुंचकर युद्धस्तर पर बचाव एवं राहत अभियान शुरू किया।
प्रशासन के अनुसार, 19 मई तक 6 लाख 94 हजार से अधिक श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं। भारी बारिश के बीच हुए भूस्खलन से यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए राहत कार्य तेज कर दिए।
जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से घटनास्थल की लगातार मॉनिटरिंग की और अधिकारियों से पल-पल की जानकारी लेते रहे। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि यात्रा मार्ग को जल्द से जल्द सुचारु किया जाए ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की दिक्कत न हो।
कठिन मौसम और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद प्रशासनिक टीमों ने मात्र 30 मिनट में पैदल यात्रियों के लिए मार्ग खोल दिया। साथ ही यात्रियों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने का कार्य पूरी रात जारी रखा गया।
जिला प्रशासन के समन्वित प्रयासों और जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाकर यात्रा मार्ग को दोबारा खोल दिया गया है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से मौसम संबंधी अपडेट और जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
