रिपोर्ट: भगवान सिंह
पौड़ी जिले के ओजली और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित सात दिवसीय समर कैंप बच्चों के लिए सीखने, रचनात्मकता और व्यक्तित्व विकास का एक प्रेरणादायक मंच साबित हुआ। “काश्वियाल एग्रो” और “वालंटियर यात्रा” के संयुक्त सहयोग से आयोजित इस विशेष शिविर में क्षेत्र के लगभग 50 से 55 बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
प्रतिदिन सुबह 8:30 बजे से 11:30 बजे तक संचालित हुए इस कैंप का उद्देश्य बच्चों के सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देना था। शिविर के दौरान बच्चों को कला, रचनात्मक गतिविधियों, समूह खेलों, लोक नृत्य, नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास निर्माण जैसी विभिन्न गतिविधियों से जोड़ा गया।
कैंप का सफल संचालन पिंजौर की सामाजिक कार्यकर्ता एवं प्रशिक्षक श्वेता राणा तथा चंडीगढ़ की पूर्व प्रधानाचार्य अरविंदर वालिया ने किया। दोनों प्रशिक्षकों ने बच्चों को मनोरंजक और शिक्षाप्रद गतिविधियों के माध्यम से नई चीजें सीखने के लिए प्रेरित किया।
पूरे सप्ताह के दौरान बच्चों में सीखने की उत्सुकता, टीमवर्क की भावना और आत्मविश्वास में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिली। बच्चों ने विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
आयोजकों के अनुसार, इस तरह के समर कैंप ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को नई सोच, बेहतर अभिव्यक्ति और नेतृत्व कौशल विकसित करने का अवसर प्रदान करते हैं। कैंप के समापन पर बच्चों और अभिभावकों ने आयोजन की सराहना करते हुए इसे बेहद उपयोगी और प्रेरणादायक बताया।
यह सात दिवसीय समर कैंप बच्चों के लिए केवल एक शैक्षणिक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि उनके व्यक्तित्व विकास, आत्मविश्वास और रचनात्मक क्षमता को निखारने वाला एक यादगार अनुभव भी साबित हुआ।
