जिला मुख्यालय में आयोजित समाधान दिवस में जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुना। इस दौरान कुल 194 जन शिकायतें दर्ज की गईं, जिनके समयबद्ध निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए। समाधान दिवस में कई गंभीर मामले सामने आए। एक मामले में बैंक द्वारा पात्रता जांच किए बिना ऋण स्वीकृत करने और बाद में मकान नीलामी का नोटिस भेजने पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई और संबंधित विभाग से विस्तृत रिपोर्ट तलब की।
वहीं, एक पारिवारिक विवाद के मामले में बुजुर्ग पिता ने शिकायत की कि उनके बेटे ने धोखे से पत्नी के नाम मकान की रजिस्ट्री करा ली और अब उनका भरण-पोषण नहीं कर रहा है। इस पर डीएम ने भरण-पोषण अधिनियम के तहत मामला दर्ज करने के निर्देश दिए। इसके अलावा 85 वर्षीय बुजुर्ग की शिकायत पर निगम और निजी भूमि पर अवैध कब्जे की जांच के आदेश भी दिए गए।
डीएम डॉ. आशीष चौहान ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि क्रोनिक बीमारियों से पीड़ित बच्चों की पहचान कर उनके इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही शहर की सड़कों के सुधार, पुलों की सुरक्षा, नदियों के चैनलाइजेशन में तेजी लाने और डार्क स्पॉट खत्म कर महिलाओं की सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए। समाधान दिवस में प्रशासन की सक्रियता तो दिखी, लेकिन अब सबसे बड़ी चुनौती इन शिकायतों का समय पर समाधान सुनिश्चित करना होगा।
