प्रदेश सरकार द्वारा विभिन्न बोर्डों, निगमों और समितियों में हाल ही में की गई नियुक्तियों को लेकर अब असंतोष के स्वर सामने आने लगे हैं। हरिद्वार में प्रजापति समाज के प्रतिनिधियों ने माटी कला बोर्ड में उपाध्यक्ष और सदस्यों के पदों पर हुई नियुक्तियों पर आपत्ति जताई है।
हरिद्वार प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान प्रजापति समाज से जुड़े लोगों ने कहा कि माटी कला बोर्ड का सीधा संबंध कुम्हार एवं प्रजापति समाज की पारंपरिक कला और आजीविका से है। ऐसे में बोर्ड के महत्वपूर्ण पदों पर प्रजापति या कुम्हार समाज के लोगों को ही प्राथमिकता दी जानी चाहिए थी।
समाज के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि बोर्ड में गैर-प्रजापति और गैर-कुम्हार व्यक्तियों को उपाध्यक्ष और सदस्य नामित किए जाने से समाज में नाराजगी है। उनका कहना है कि इससे उन लोगों की उपेक्षा हुई है, जो वर्षों से माटी कला और उससे जुड़े कार्यों से जुड़े रहे हैं।
प्रजापति समाज के नेताओं ने कहा कि वे जल्द ही एक प्रतिनिधिमंडल के साथ मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे और इस मुद्दे को उनके सामने प्रमुखता से उठाएंगे। साथ ही सरकार से नियुक्तियों पर पुनर्विचार करने की मांग भी करेंगे।
समाज के लोगों का मानना है कि माटी कला बोर्ड के माध्यम से कुम्हार समुदाय के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए योजनाएं संचालित की जाती हैं, इसलिए बोर्ड में समाज के प्रतिनिधित्व को सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।
फिलहाल इस मामले को लेकर प्रजापति समाज ने सरकार से सकारात्मक पहल की उम्मीद जताई है।
