नगला इमरती गांव में भूमि कब्जे के मुद्दे को लेकर सूरज सेवा दल ने प्रशासन के खिलाफ आवाज बुलंद की। संगठन के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में जॉइंट मजिस्ट्रेट कार्यालय पहुंचे और कथित अवैध कब्जों की शिकायत करते हुए विस्तृत ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन के दौरान संगठन ने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की।
संगठन के नेताओं का कहना है कि हाईवे के आसपास की बहुमूल्य भूमि पर सुनियोजित तरीके से कब्जे किए जा रहे हैं। उनका आरोप है कि इस पूरे मामले में कुछ प्रभावशाली लोगों और विभागीय अधिकारियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो सरकारी भूमि और निजी संपत्तियों को भारी नुकसान हो सकता है।
धरने को संबोधित करते हुए अध्यक्ष रमेश जोशी ने कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों की शिकायतों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता और भूमि माफियाओं के खिलाफ कठोर कार्रवाई जरूरी है। उन्होंने प्रशासन से पारदर्शी जांच प्रक्रिया अपनाने की मांग की।
जॉइंट मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र सेठ ने प्रदर्शनकारियों को भरोसा दिलाया कि मामले को गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिकायतों की जांच कराई जाएगी और यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
