हरिद्वार: कनखल स्थित सतीकुंड के सौंदर्यीकरण कार्य को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा के वरिष्ठ नेता अशोक त्रिपाठी ने प्रेस वार्ता के दौरान परियोजना में कथित वित्तीय अनियमितताओं और ठेका प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसकी जांच कराने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि परियोजना की प्रारंभिक लागत लगभग 5 करोड़ रुपये थी, लेकिन बाद में तैयार की गई डीपीआर में इसे बढ़ाकर 61 करोड़ रुपये कर दिया गया। उनके अनुसार, इतनी बड़ी लागत वृद्धि को लेकर संबंधित विभाग को सार्वजनिक रूप से स्पष्टीकरण देना चाहिए।
अशोक त्रिपाठी ने यह भी आरोप लगाया कि परियोजना का ठेका राज्य के स्थानीय ठेकेदारों और एजेंसियों को प्राथमिकता देने के बजाय गुजरात की एक कंपनी को दिया गया। उनका कहना है कि स्थानीय संसाधनों की अनदेखी करना उचित नहीं माना जा सकता।
उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जानकारी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को दी जाएगी और उनसे निष्पक्ष जांच कराने का अनुरोध किया जाएगा। उनका दावा है कि जांच होने पर पूरे मामले की वास्तविक स्थिति सामने आ जाएगी।
उधर, सतीकुंड में सौंदर्यीकरण का कार्य जारी है। वहीं, परियोजना से जुड़े विभाग या संबंधित कंपनी की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी नहीं की गई है।
