संत निरंकारी मिशन वर्षों से मानवता, सेवा और आध्यात्मिक मूल्यों को समाज तक पहुंचाने का कार्य कर रहा है। मिशन का उद्देश्य लोगों को जाति, धर्म और पंथ के भेदभाव से ऊपर उठकर मानव मात्र की सेवा के लिए प्रेरित करना है। इसी विचारधारा को आगे बढ़ाते हुए देहरादून में एक प्रेरणादायक आयोजन देखने को मिला।
देहरादून के रेसकोर्स स्थित संत निरंकारी भवन में मिशन की सेवा में समर्पित नरेश विरमानी ने अपने जन्मदिवस को सामाजिक सेवा के रूप में मनाते हुए भव्य सार्वजनिक भंडारे का आयोजन किया। इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, स्थानीय नागरिकों और मिशन से जुड़े लोगों ने भाग लिया।
भंडारे में सैकड़ों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन के दौरान सभी के साथ समान व्यवहार और बिना किसी भेदभाव के सेवा करने का संदेश भी दिया गया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने मिशन की मानव सेवा की भावना की सराहना की।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि समाज में प्रेम, सहयोग और भाईचारे की भावना को मजबूत करने के लिए ऐसे आयोजनों की आवश्यकता है। व्यक्तिगत खुशियों को समाज के साथ साझा करने से सामाजिक एकता भी मजबूत होती है।
संत निरंकारी मिशन लंबे समय से आध्यात्मिक जागरूकता के साथ-साथ सामाजिक सेवा के विभिन्न कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाता रहा है। देहरादून में आयोजित यह सार्वजनिक भंडारा भी उसी सेवा परंपरा का एक उदाहरण बनकर सामने आया।
