ऑनलाइन दवा बिक्री के खिलाफ बुधवार को देशभर के मेडिकल स्टोर संचालकों ने एक दिन की हड़ताल की। उत्तराखंड में भी दवा व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर ई-फार्मेसी और क्विक डिलीवरी प्लेटफॉर्म के खिलाफ विरोध दर्ज कराया।
केमिस्ट संगठनों का कहना है that ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बिना पर्याप्त जांच के दवाएं बेची जा रही हैं, जिससे मरीजों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में डॉक्टर के पर्चे का गलत इस्तेमाल कर बार-बार दवाएं खरीदी जा रही हैं।
दवा व्यापारियों ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए फर्जी प्रिस्क्रिप्शन तैयार किए जाने और ऑनलाइन परामर्श के नाम पर भ्रामक गतिविधियों की शिकायतें भी सामने आ रही हैं।
संगठनों ने केंद्र सरकार से GSR 817 और GSR 220 को वापस लेने, ऑनलाइन दवा बिक्री पर नियंत्रण लगाने और फार्मासिस्ट की भूमिका को सुरक्षित रखने की मांग की है।
