सरोवर नगरी नैनीताल स्थित कुमाऊं विश्वविद्यालय के डीएसबी परिसर में आयोजित बैठक में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने कहा कि विद्यार्थियों को केंद्र में रखकर शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान देने वाले नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य को दिशा देने वाले मार्गदर्शक हैं।
राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालयों को रोजगारोन्मुख और व्यावहारिक शिक्षा पर अधिक ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कौशल विकास, नेतृत्व क्षमता, नवाचार और समस्या समाधान आधारित शिक्षा को आज की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया।
उन्होंने विश्वविद्यालयों में स्टार्टअप संस्कृति, शोध गतिविधियों और डिजिटल व्यवस्थाओं को बढ़ावा देने की सराहना की। साथ ही अल्मुनी नेटवर्क को मजबूत कर उनके अनुभवों का लाभ विद्यार्थियों तक पहुंचाने की बात कही।
बैठक के दौरान राज्यपाल ने विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों की उपलब्धियों की प्रशंसा की और विकसित भारत-2047 के लक्ष्य में विश्वविद्यालयों की सक्रिय भूमिका पर बल दिया। इस अवसर पर कुलपति प्रो. दीवान सिंह रावत समेत कई संकायाध्यक्ष मौजूद रहे।
