श्रीनगर गढ़वाल: चारधाम यात्रा से लौट रहे यात्रियों ने श्रीनगर गढ़वाल में रात के समय यात्रा रोके जाने के बाद कई गंभीर सवाल उठाए हैं। यात्रियों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था जरूरी है, लेकिन इसके कारण उन्हें अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी झेलना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार, बीती रात पुलिस ने कई वाहनों को श्रीनगर क्षेत्र में रोक दिया। अधिकारियों ने यात्रियों को बताया कि रात के समय पहाड़ी सड़कों पर दुर्घटना की आशंका अधिक रहती है, इसलिए सुरक्षा की दृष्टि से यह निर्णय लिया गया है। कुछ समय बाद यात्रियों को आगे जाने की अनुमति दे दी गई।
यात्रा के दौरान मौजूद कुछ श्रद्धालुओं ने दावा किया कि मार्ग में होटल और अन्य सेवाओं के दाम सामान्य दिनों की तुलना में काफी अधिक हैं। मध्यप्रदेश से आए एक यात्री ने आरोप लगाया कि जोशीमठ क्षेत्र में उन्हें एक रात रुकने के लिए लगभग 30 हजार रुपये खर्च करने पड़े। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान भोजन और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं भी महंगी दरों पर उपलब्ध कराई जा रही हैं।
श्रद्धालुओं का कहना है कि यदि प्रशासन सुरक्षा कारणों से यात्रा को नियंत्रित करता है तो उसे यात्रियों के ठहरने और खानपान की व्यवस्था पर भी निगरानी रखनी चाहिए। इससे यात्रियों को अनावश्यक आर्थिक दबाव का सामना नहीं करना पड़ेगा।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ही रात्रिकालीन यात्रा को नियंत्रित किया जाता है। वहीं यात्रियों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच संबंधित विभागों के स्तर पर की जा सकती है।
उपजिलाधिकारी श्रीनगर से इस संबंध में प्रतिक्रिया लेने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क स्थापित नहीं हो पाया।
