मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पेपर लीक मामलों में फास्ट ट्रैक कोर्ट की स्थापना का निर्णय देश के युवाओं को न्याय दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे समय की आवश्यकता बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। यदि परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठते हैं तो सबसे अधिक नुकसान उन छात्रों को होता है, जिन्होंने वर्षों तक मेहनत की होती है।
उन्होंने कहा कि फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए मामलों का जल्द निपटारा होगा और दोषियों को कठोर सजा मिलेगी। इससे परीक्षा माफियाओं पर प्रभावी कार्रवाई करने में भी मदद मिलेगी।
सीएम धामी ने कहा कि सरकार युवाओं के भविष्य से किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेगी। परीक्षा प्रणाली को निष्पक्ष और भरोसेमंद बनाने के लिए लगातार सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि यह निर्णय देश के करोड़ों विद्यार्थियों का भरोसा मजबूत करेगा और प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता को नई मजबूती देगा।
