देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में गर्मी बढ़ने के साथ पेयजल संकट गहराता जा रहा है। कई इलाकों में पानी की सप्लाई लो-प्रेशर से हो रही है, जबकि कुछ क्षेत्रों में जलापूर्ति पूरी तरह बाधित है। इस स्थिति को देखते हुए उत्तराखंड जल संस्थान ने आपात स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं।
विभाग के अनुसार, पारंपरिक जल स्रोत सूखने लगे हैं और गर्मी के कारण पानी की मांग तेजी से बढ़ी है। साथ ही बिजली कटौती से ट्यूबवेल प्रभावित हो रहे हैं, जिससे संकट और गहरा गया है।
प्रदेशभर में 1000 से अधिक क्षेत्रों को संवेदनशील घोषित किया गया है। जल आपूर्ति बनाए रखने के लिए विभागीय और निजी टैंकरों की मदद ली जा रही है। वर्तमान में कई इलाकों में रोजाना टैंकरों के जरिए पानी पहुंचाया जा रहा है।
बिजली संकट से निपटने के लिए कई स्थानों पर जनरेटर लगाए गए हैं। साथ ही पानी की बर्बादी रोकने के लिए निर्माण और व्यावसायिक कनेक्शनों पर अस्थायी रोक लगाई गई है।
लोगों की शिकायतों के समाधान के लिए कंट्रोल रूम सक्रिय हैं और टोल-फ्री नंबर 1916 जारी किया गया है।
