क्रिकेट के मैदान पर बढ़ते हार्ट अटैक के मामले: फिट एथलीट भी क्यों हो रहे हैं शिकार?

क्रिकेट और अन्य खेलों में फिटनेस को हमेशा बेहतर स्वास्थ्य की पहचान माना जाता रहा है। लेकिन हाल के वर्षों में कई युवा खिलाड़ियों और एथलीटों की हार्ट अटैक या कार्डियक अरेस्ट से हुई मौतों ने इस धारणा को झकझोर दिया है। ताजा मामला कर्नाटक के पूर्व क्रिकेटर एस.एल. अक्षय का है, जिनकी मैच के दौरान अचानक हार्ट अटैक से मौत हो गई। वह सिर्फ 39 वर्ष के थे।

इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर शारीरिक रूप से फिट और सक्रिय लोगों में दिल की बीमारियों का खतरा क्यों बढ़ रहा है।

मैच के दौरान बिगड़ी तबीयत, नहीं बच सकी जान

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एस.एल. अक्षय रविवार सुबह एक लीग मैच खेल रहे थे। खेल के दौरान उन्हें बेचैनी महसूस हुई, जिसके बाद वे मैदान से बाहर चले गए। कुछ ही घंटों बाद उनकी मौत हो गई।

अक्षय कर्नाटक के लिए छह फर्स्ट-क्लास और तीन लिस्ट-ए मैच खेल चुके थे। उनकी अचानक मौत ने खेल जगत और क्रिकेट प्रेमियों को गहरे सदमे में डाल दिया है।

पहले भी कई खिलाड़ियों की जा चुकी है जान

यह पहला मामला नहीं है जब किसी खिलाड़ी की मैदान पर हार्ट अटैक से मौत हुई हो। इससे पहले भी कई क्रिकेटर और एथलीट इस तरह की घटनाओं का शिकार हो चुके हैं।

  • वसीम राजा की मैदान पर हार्ट अटैक से मौत हुई थी।
  • अवि बरोट का 29 साल की उम्र में कार्डियक अरेस्ट से निधन हो गया था।
  • इयान फॉली की अस्पताल में दिल का दौरा पड़ने से मौत हुई थी।
  • तमीम इकबाल को मैच के दौरान हार्ट अटैक आया था, हालांकि समय पर इलाज मिलने से उनकी जान बच गई।

फिट दिखना दिल के स्वस्थ होने की गारंटी नहीं

हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. अश्वनि प्रकाश के अनुसार, सिर्फ बाहरी फिटनेस ही अच्छे दिल की पहचान नहीं होती। कई बार शरीर के अंदर ऐसी समस्याएं मौजूद होती हैं जिनका समय पर पता नहीं चल पाता।

विशेषज्ञों का कहना है कि आनुवंशिक कारण, हाई ब्लड प्रेशर, तनाव, नींद की कमी, इंसुलिन रेजिस्टेंस, सूजन और अत्यधिक शारीरिक दबाव दिल पर गंभीर असर डाल सकते हैं।

एथलीटों में हार्ट अटैक के पांच बड़े कारण

1. छिपी हुई हृदय संबंधी बीमारियां

कई लोगों को हाई ब्लड प्रेशर, अनियमित धड़कन या ब्लॉकेज जैसी समस्याओं की जानकारी नहीं होती। भारी एक्सरसाइज के दौरान यह स्थिति जानलेवा बन सकती है।

2. जरूरत से ज्यादा ट्रेनिंग

लगातार और अत्यधिक ट्रेनिंग दिल की मांसपेशियों पर दबाव बढ़ाती है। शरीर को पर्याप्त आराम न मिलने से जोखिम और बढ़ जाता है।

3. सप्लीमेंट्स और स्टेरॉयड का इस्तेमाल

अधिक कैफीन, प्री-वर्कआउट सप्लीमेंट्स और स्टेरॉयड्स का सेवन दिल और ब्लड वेसल्स को नुकसान पहुंचा सकता है।

4. अचानक भारी वर्कआउट

लंबे समय तक निष्क्रिय रहने के बाद अचानक हाई-इंटेंसिटी एक्सरसाइज करने से दिल पर अत्यधिक दबाव पड़ता है।

5. तनाव और नींद की कमी

लगातार प्रदर्शन का दबाव, मानसिक तनाव और कम नींद शरीर में सूजन और ब्लड प्रेशर बढ़ाने का कारण बनते हैं, जिससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।

कैसे कम करें जोखिम?

विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित हेल्थ चेकअप, संतुलित खानपान, पर्याप्त नींद और नियंत्रित एक्सरसाइज बेहद जरूरी है। इसके अलावा किसी भी तरह की बेचैनी, सीने में दर्द, सांस फूलना या अत्यधिक थकान को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

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