देहरादून: ICAR के प्रशिक्षण में समेकित जल प्रबंधन पर फोकस, डॉ. मुरुगानंदम ने दिए अहम सुझाव

देहरादून में ICAR द्वारा आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में 131वें बैच के अधिकारियों को सतत विकास और जल संसाधन प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं पर प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान डॉ. मुरुगानंदम ने समेकित जलग्रहण प्रबंधन को भविष्य की जरूरत बताया।

उन्होंने कहा कि जलग्रहण, मत्स्य और पशुधन का संयुक्त प्रबंधन न केवल पर्यावरण संतुलन बनाए रखता है, बल्कि देश की खाद्य और पोषण सुरक्षा को भी सशक्त करता है। उन्होंने “माउंटेन टू ओशन” और “रिवर कंटीन्यूअम कॉन्सेप्ट” के माध्यम से नदी तंत्र की निरंतरता और उसके महत्व को विस्तार से समझाया।

डॉ. मुरुगानंदम ने अपने संबोधन में नदी, तालाब और पशुधन के बीच अंतर्संबंधों को रेखांकित करते हुए कहा कि इन सभी को एक साथ समझकर ही प्रभावी नीति बनाई जा सकती है। उन्होंने जल संचयन संरचनाओं के बेहतर डिजाइन, अपवाह प्रबंधन और पशुओं के लिए चारा सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया।

यह प्रशिक्षण कार्यक्रम अधिकारियों के लिए व्यवहारिक ज्ञान प्रदान करने वाला साबित हुआ, जिससे वे भविष्य में संसाधनों के बेहतर उपयोग की दिशा में काम कर सकेंगे।

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