गर्मी में क्यों फूटती है नकसीर? (नोज ब्लीडिंग के कारण)
कैलाश दीपक अस्पताल की कंसल्टेंट फिजिशियन डॉ. मानसी निगम के अनुसार, हमारी नाक के अंदरूनी हिस्से की त्वचा और वहां मौजूद रक्त वाहिकाएं (Blood Vessels) बेहद नाजुक होती हैं। गर्मियों के दिनों में जब हवा बेहद शुष्क और गर्म होती है, तो नाक के अंदर की नमी सूख जाती है। इसके अलावा, लंबे समय तक एयर कंडीशनर (AC) में रहने से भी नाक का रास्ता रूखा और संवेदनशील हो जाता है। ऐसे में नाक में सूखापन बढ़ने से नसें चटक जाती हैं और ब्लीडिंग शुरू हो जाती है। इस स्थिति में जोर से नाक साफ करना या नाक रगड़ना ब्लीडिंग को तुरंत ट्रिगर कर देता है।
सिर पीछे झुकाने की भूल कभी न करें
आम तौर पर लोग नाक से खून बहने पर पीड़ित का सिर पीछे की तरफ झुका देते हैं, जिसे डॉक्टर पूरी तरह गलत और असुरक्षित मानते हैं।
नुकसान: सिर पीछे करने से खून नाक से बाहर गिरने के बजाय गले के रास्ते पेट या फेफड़ों (सांस की नली) में जा सकता है, जिससे उल्टी या दम घुटने जैसी गंभीर समस्या हो सकती है। ब्लीडिंग शुरू होने पर बार-बार नाक को छूकर यह न देखें कि खून रुका या नहीं। ऐसा करने से खून का थक्का (Clot) नहीं बन पाता और ब्लीडिंग दोबारा शुरू हो जाती है।
नकसीर रोकने का सही ‘फर्स्ट एड’ (First Aid Steps)
अगर अचानक नाक से खून आने लगे, तो घबराने के बजाय इन आसान चरणों का पालन करें:
पीड़ित को सीधे बिठाएं और सिर को थोड़ा सा आगे की तरफ झुकाएं। अंगूठे और उंगली की मदद से नाक के निचले मुलायम हिस्से को कम से कम 10 से 15 मिनट तक लगातार दबाकर रखें। इस दौरान नाक बंद रहेगी, इसलिए मरीज को मुंह से लंबी और गहरी सांस लेने को कहें।नाक के ऊपर, माथे या गालों पर बर्फ का टुकड़ा कपड़े में लपेटकर (Cold Compress) लगाएं, इससे नसें सिकुड़ती हैं और खून का बहाव तुरंत धीमा होता है।
गर्मी के मौसम में कैसे रखें अपना बचाव?
नकसीर की समस्या से बचने के लिए शरीर में नमी (Hydration) बनाए रखना सबसे जरूरी है।दिनभर में पर्याप्त पानी, छाछ, नारियल पानी या नींबू पानी जैसे तरल पदार्थों का सेवन करें। नाक के सूखेपन को दूर करने के लिए डॉक्टर की सलाह पर सलाइन नेजल स्प्रे (Saline Nasal Spray) का इस्तेमाल किया जा सकता है। घर के कमरों में ह्यूमिडिफायर चलाना भी फायदेमंद होता है।
कब होती है गंभीर स्थिति? तुरंत लें मेडिकल हेल्प
यद्यपि अधिकांश मामलों में नकसीर सामान्य होती है और घर पर ही ठीक हो जाती है, लेकिन डॉ. मानसी निगम के अनुसार निम्नलिखित लक्षणों को हल्के में नहीं लेना चाहिए और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए:
यदि नाक से बहुत अधिक मात्रा में खून बह रहा हो।
यदि प्राथमिक उपचार के 15-20 मिनट बाद भी ब्लीडिंग न रुके।
यदि खून आने के साथ-साथ मरीज को चक्कर आ रहे हों, कमजोरी लग रही हो या बेहोशी छाने लगे।
यदि मरीज को सांस लेने में कठिनाई महसूस हो रही हो।
यदि किसी दुर्घटना, चेहरे या सिर पर चोट लगने के बाद नाक से खून बहना शुरू हुआ हो (यह अंदरूनी फ्रैक्चर या हेड इंजरी का संकेत हो सकता है)।
