दीपक रावत के नैनीताल दौरे के दौरान तहसील कार्यालय, एसडीएम कोर्ट और सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। निरीक्षण के दौरान वर्षों से लंबित मामलों, खराब रिकॉर्ड प्रबंधन और कर्मचारियों की लापरवाही पर आयुक्त ने कड़ी नाराजगी जताई।
वर्षों से अटके पड़े हैं राजस्व मामले
धारा 229-बी के तहत कई मामले 2002 से लंबित पाए गए। आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पुराने मामलों का त्वरित निस्तारण किया जाए और सप्ताह में कई बार सुनवाई कर लंबित फाइलों को जल्द खत्म किया जाए।
रिकॉर्ड प्रबंधन में भारी गड़बड़ी
धारा 143 और 176 से जुड़े मामलों की समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि कई आदेशों के बाद भी पटवारियों ने आवश्यक कार्रवाई पूरी नहीं की। पत्रावलियों और अभिलेखों का रखरखाव भी बेहद खराब मिला।
आयुक्त ने लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों और राजस्व निरीक्षकों की सूची तैयार कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई और प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए।
अधिकारियों को लगी फटकार
निरीक्षण के दौरान सम्मन पंजिका, इश्तहार पंजिका और अन्य दस्तावेजों की भी जांच की गई। समय पर समीक्षा न होने पर आयुक्त ने एसडीएम और तहसीलदार को फटकार लगाई और तत्काल लंबित मामलों के निस्तारण के निर्देश दिए।
रजिस्ट्री कार्यालय में भी मिली खामियां
सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में रजिस्ट्री दस्तावेजों के रखरखाव में गंभीर लापरवाही सामने आई। कई दस्तावेजों का रिकॉर्ड मौके पर उपलब्ध नहीं था। आयुक्त ने इस पर नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा।
