देवाल क्षेत्र में चल रहे मेलखेत हाइड्रो प्रोजेक्ट के तहत पिंडर नदी में हो रहे खनन कार्य को लेकर पर्यावरणविदों और स्थानीय लोगों ने गंभीर चिंता जताई है। उनका कहना है कि लगातार मशीनों के उपयोग से नदी की प्राकृतिक धारा और जलीय जीवन पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि परियोजना कंपनी ने बिना उचित अनुमति और सीमांकन के कार्य शुरू कर दिया है। साथ ही गांव के लोगों को विश्वास में लिए बिना ही बड़े पैमाने पर भूमि कटान किया जा रहा है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि क्षेत्र आपदा संभावित है, इसके बावजूद सुरक्षा के कोई ठोस इंतजाम नहीं किए गए हैं। इस पूरे मामले में प्रशासन की चुप्पी पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे।
