ATS 2.0 से बदलेगी वाहन फिटनेस जांच, फर्जी सर्टिफिकेट पर लगेगी पूरी तरह रोक

देहरादून: उत्तराखंड में वाहन फिटनेस प्रक्रिया को आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में परिवहन विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। हाल ही में सामने आए एक फर्जी फिटनेस प्रमाणपत्र मामले के बाद विभाग ने नई तकनीक आधारित व्यवस्था लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है।

आरटीओ संदीप सैनी के अनुसार, जांच में पता चला कि वाहन बिना ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन पहुंचे ही फिटनेस सर्टिफिकेट प्राप्त कर चुका था। मामले का खुलासा होने पर वाहन स्वामी ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए विभाग को माफीनामा दिया।

विभाग ने संबंधित वाहन की फिटनेस तुरंत रद्द कर दी है और दोबारा परीक्षण अनिवार्य कर दिया है। साथ ही संबंधित राज्यों के परिवहन अधिकारियों से भी जवाब मांगा जाएगा, जहां से कथित रूप से प्रमाणपत्र जारी किए गए थे।

ATS 2.0 के तहत हर वाहन की लोकेशन, नंबर प्लेट और टेस्टिंग प्रक्रिया डिजिटल रूप से रिकॉर्ड होगी। एएनपीआर कैमरे और पोर्टल पर लाइव फोटो-वीडियो अपलोड की सुविधा यह सुनिश्चित करेगी कि बिना परीक्षण कोई भी वाहन फिटनेस प्रमाणपत्र हासिल न कर सके।

नई व्यवस्था लागू होने के बाद वाहन फिटनेस प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और तकनीक आधारित होगी, जिससे सड़क सुरक्षा को भी मजबूती मिलेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *